उत्तराखंड

शहीद दरवाजा बनाने वाले ठेकेदार से कहा कि काम समय पर और गुणवत्तापूर्ण होने का विशेष ध्यान रखें

ऋषिकेश : नि.महापौर अनिता ममगाईं ने गुरुवार को गुमानिवाला स्थित अमित ग्राम में अमर शहीद कैप्टन अमित सेमवाल के नाम से निर्माणाधीन शहीद द्वारा का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद संबंधित ठेकेदार से बात कर समयबद्ध और विशेष तौर पर गुणवत्ता पूर्वक कार्य करने की लिए कहा है। उन्होंने कहा काम में ढिलाई न करें और समय से पूर्ण करें। उन्होंने शहीद कैप्टन अमित सेमवाल के पिता तारा दत्त सेमवाल से भी मुलाकात की।उनसे भी आग्रह किया अपनी तरफ से भी आप बजी कार्य पर विशेष नजर रखें। ताकि समय पर और गुणवत्ता पूर्वक शहीद द्वार का काम पूर्ण हो सके।

इस दौरान नि. वर्तमान महापौर अनिता ममगाईं ने कहा हमारे शहीदों ने जो अपने जीवन का बलिदान दिया है देश के लिए उसे हम कभी नहीं भूल सकते हैं न भूलेंगे । शहीद के परिजनों के लिए जितना कर सकें वह भी कम ह। शहीद कैप्टन अमित सेमवाल हमारे दिलों में हमेशा अमर रहेंगे।

1999 में हुए थे शहीद-
कैप्टन अमित सेमवाल और उनके सैनिक जम्मू और कश्मीर में राजौरी से छह किलोमीटर उत्तर में पोहल गाई इलाके में संदिग्ध इलाके में पहुंचे थे। जब ऑपरेशन चल रहा था तो इलाके में छिपे भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों ने जवानों पर गोलीबारी कर दी। इसके बाद 14 दिसंबर 1999 की अगली सुबह तक कई घंटों तक भीषण गोलीबारी हुई। इस भारी गोलीबारी के दौरान, कैप्टन अमित सेमवाल और दो सैनिकों को गंभीर चोटें आईं। हालाँकि, कैप्टन अमित सेमवाल ने बाद में दम तोड़ दिया और शहीद हो गए।

कैप्टन अमित सेमवाल एक प्रतिबद्ध सैनिक और वीर अधिकारी थे, जिन्होंने एक सच्चे सैन्य नेता की तरह आगे बढ़कर नेतृत्व किया। उनके अद्वितीय साहस, नेतृत्व और सर्वोच्च बलिदान के लिए उन्हें देश के दूसरे सबसे बड़े शांतिकालीन वीरता पुरस्कार, “कीर्ति चक्र” से सम्मानित किया गया। इस दौरान नि. पार्षद विपिन पंत मौजूद रहे

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